माचिस या दियासलाई के बारे में रोचक जानकारी

diyasalai machis

Matchbox का हिंदी अर्थ माचिस या दियासलाई होती है और इस्का अन्य नाम अग्नि पेटिका है मचिस का असली काम तो आग जलाना होता है माचिस मे शायरी और कविताएं भी लिखी गई है जो जिंदगी के हाल को बहुत अच्छे से बया करती हैं

पतली लकडी से बनी हुई एक छोटी सी डिब्बी जिस्के दो किनारे पर लाल फास्फोरस की एक मोटी परत होती है और जिसके अंदर बहुत सारी तिलि या दीयासलाई भरी होती है माचिस कहलाती है जिस्का उपयोग हम आग जलाने के लिए करते हैं

मचिस की डिब्बी पर लगे रसायन से तिली या दिया सलाई को जब रगड़ा जाता है तो तिली पर आग लगने लगती है ये हर कोई जान लेता है यहां दिया सलाई या माचिस के बारे में कुछ रोचक जानकारी दी गई है।

माचिस का आविष्कार किसने और कब किया

माचिस या दियासलाई के बारे में रोचक जानकारी

1826 में इंग्लैंड के जॉन वॉकर ने एक लकड़ी पर एंटीमणि सल्फाइड पोटेशियम क्लोरेट गोंद और स्टॉर्च लगा कर दिया सलाई बनाई थी उन अपनी खोज को पेटेंट नहीं करा बल्की इसे लोगों को दीखाया 1827 में उनको देखना शुरू किया लेकिन वह ज्यादा सफल नहीं हुए।

1831 में फ्रांस के चार सौरैया ने एक माचिस विकसित किया जिस्में सफेद फास्फोरस का प्रयोग किया गया था जिससे आग लगाना बहुत आसान था लेकिन सफेद फास्फोरस अधिक विशाक्त सबित हुआ जिनसे स्वास्थ्य संबंध खतरे के बावजुद 1900 की शुरुआत तक सफेद फास्फोरस का उपयोग माचिसो में किया जाता रहा

1844 मुख्य स्वीडन के गुस्ताख पास और 1855 में स्वीडन के जे लिंडस्ट्रॉम ने सुरक्षित दिया सलाई सुरक्षा माचिस बनाने जिस्में लाल फास्फोरस का इस्तमाल किया गया और वे सफल रहे

माचिस कितने तरह के होते हैं

माचिस मुख्य रूप से दो टाइप के होते हैं 1. घर्षण माचिस 2. सेफ्टी माचिस।

घर्षण माचिस

लकड़ी की तीली को पिघले गंधक में दुबोया जाता है फास्फोरस ट्राई सल्फाइड का मिश्रण लगाया जाता है और उसके ऊपर एंटी मणि ट्राई सल्फाइड वी पोटेशियम क्लोराइड का मिश्रण लगाया जाता है इसे किसी खुर्दरी सतह पर रगड कर आग लगाई जाति है

Safety माचिस

क्या माचिस में फास्ट फॉरेस्ट ट्राई सल्फाइड की जगह पर लाल फास्फोरस लगा जाता है इसकी दिया सलाई पर लगे रसायन से रगड कर जलती है ज्यादा हमारे घरों में Safety माचिस का ही उपयोग की जाति है।

माचिस कैसे बनती है।

माचिस की डिब्बी केले में इस्तमाल किए जाने वाले कुछ सामग्री इस प्रकार है माचिस या दियासलाई के बारे में रोचक जानकारी

माचिस बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली लकड़ी की विभीन रसायनो को अवशोषित करने के लिए पर्यत होनी चाहिए सफेद पाईन और इस्पेन दो सामान्य लकड़ियां है जिन्का प्रयोग इसि उदेश्य से किया जाता है

माचिस की डिब्बी की सतह में लाल फास्फोरस पीसा हुआ गिलास और चिपकने वाला गोंद का इस्तमाल किया जाता है टिप में घर्षण को बढ़ाने और जलने की दर को नियंत्रित करने के लिए पीसा हुआ ग्लास का उपयोग होता है

माचिस बनाने का तारिका

  • पहले लकड़ी को मचिस की तीली में बदला जाता है
  • फिर उन्हे कई रसायनिक टंको में दुबोया जाता है
  • और इसके बाद माचिस की तिलियो को सुखी डिब्बियो में पैक किया जाता है

दोस्तो मैंने आज आपको बताया की माचिस कैसे बनती है और इसका आविस्कर किसने किया आपको ऐसे ही रोचक जानकारिया में देता रहुंगा आप कमेंट बॉक्स में बतायें आपको आज का पोस्ट कैसा लगा

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